Tuesday, 7 August 2007

how true

ना तुम्हे खबर थी हमारे मोह्हबत कि, ना हमे खबर थी तुम्हारे इरादों कि,
चलते चलते ही मंजिलें जुदा हो गयी, कुछ पलों मे तनहाई humari हमनवा हो गयी!!!!

एक लम्हा प्यार का, एक लम्हा इंतज़ार का,
एक लम्हा तेरी हंसी का, एक लम्हा मेरी खुशी का,
लम्हों मॆं सिमट गयी दुनिया मेरी, हर लम्हे मॆं छुपी है दास्ताँ मेरी!!!!

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